खरीफ खाद्यान्न उत्पादन में आई गिरावट पर अनुमान

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दिल्ली । देश में खरीफ खाद्यान्न उत्पादन के 2.78 फीसद की गिरावट के साथ 134.67 मिलियन टन के स्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। इसकी प्रमुख वजह खराब मानसून और राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार एवं असम जैसे कुछ राज्यों में आई बाढ़ को बताया जा रहा है।

सोमवार को जारी प्रमुख खरीफ फसलों के लिए पहले अग्रिम अनुमान के मुताबिक, चावल, दालों और मोटे अनाजों का उत्पादन बीते साल की खरीफ फसल के मुकाबले घटने का अनुमान है, जो कि 138.58 मिलियन टन रहा था। खरीफ फसलों में चावल, दालें और मोटे अनाज आते हैं।

केंद्रीय कृषि सचिव शोभना के पटनायक ने हाल ही में कहा था कि देश का खाद्यान्न उत्पादन पिछले साल के 276 मिलियन टन के रिकॉर्ड की बराबरी कर सकता है। देश के अनाज उत्पादन में खरीफ और रबी की लगभग बराबर हिस्सेदारी है।

सरकार द्वारा जारी बयान में कहा कि ‘चालू खरीफ सीजन के दौरान ज्यादातर फसलों का अनुमानित उत्पादन पिछले पांच वर्षों के सामान्य उत्पादन की तुलना में अधिक रहने के आसार हैं। हालांकि ये प्रारंभिक अनुमान हैं, इसलिए राज्यों से आगे मिलने वाले रिपोर्ट के आधार पर इनमें संशोधन होगा।’

पटनायक ने कहा, “हम साल 2017 की खरीफ फसल में खाद्यान्नों एवं अन्य फसलों के उत्पादन में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं करते हैं। हालांकि, हम इस महीने की शुरुआत के बाद मानसून की बारिश के बाद रबी की फसल की संभावनाओं के बारे में बहुत उम्मीद कर रहे हैं।”

अर्थशास्त्री से बातचीत पर उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2017-18 में सकल मूल्य संवर्धन (जीवीए) करीब 2.5 फीसदी रह सकता है, लेकिन अभी इसका अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी क्योंकि अभी रबी फसलों की बुआई शुरू नहीं हुई है।

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