गोलकीपर को छोड़ बाकी सबने किये गोल।

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क्वालालम्पुर(मलेशिया)।ये कहना गलत नहीं होगा कि अगर गोलकीपर को भी गोल करने कि इजाजत होती तो भारत की जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने अमेरिकन टीम के खिलाफ वो भी कारनामा कर दिया होता। भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने दयनीय अमेरिका को 22-0 से हराकर सातवें सुल्तान ऑफ में लगातार तीसरी जीत दर्ज की। भारत के लिए इस मैच में गोलों की बरसात हुई और उसके 10 अलग-अलग खिलाड़ियों ने 22 गोल दागे। जीत के साथ भारतीय टीम तीन मैचों में नौ अंकों के साथ तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई।

भारत को इतनी बड़ी जीत दिलाने में हरमनजीत सिंह (25वें, 26वें, 40वें, 45वें और 52वें मिनट में), अभिषेक (28वें, 37वें, 38वें और 45वें मिनट में), विशाल अंतिल (दूसरे, 30वें और 44वें मिनट में), दिलप्रीत सिंह (तीसरे, 54वें और 59वें मिनट में), मनिंदर सिंह (42वें और 43वें मिनट में), प्रताप लकड़ा (दूसरे मिनट में), रबिचंद्र मोइरंगदेम (सातवें मिनट में), रोशन कुमार (37वें मिनट में), शैलानंद लकड़ा (47वें मिनट में) और विवेक प्रसाद (48 वें मिनट में) के गोलों का योगदान रहा।

खाए कुल 52 गोल

अमेरिका इससे पहले हुए अपने दो मैचों में कुल तीस गोल खा चुका है। ऑस्ट्रेलिया ने उसे 19-0 और ब्रिटेन ने 11-0 से हराया था। इस तरह वह अब तक कुल 52 गोल खा चुका है, जबकि किया एक भी नहीं।

दूसरी सबसे बड़ी जीत

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की यह दूसरी सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले मेजर ध्यानचंद की अगुआई में भारतीय टीम ने 1932 के लांस एंजिलिस ओलंपिक में अमेरिका को ही 24-1 के विशाल अंतर से धोया था। इससे पहले दूसरा बड़ा रिकॉर्ड 2007 का था। जब एशिया कप में भारत ने श्रीलंका को 20-0 से हराया था।

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